राष्ट्रवाद के कमजोर होने से बढ़ा आतंकवाद

image_5मेरठ में आयोजित सेमिनार “आतंकवाद, सभ्यसमाज में बढ़ता प्रसार – कारण व निवारण” कार्यक्रम के दौरान भाषण में दिये गए कुछ अंश :-

राष्ट्रवाद से भटकाव ने आतंकवाद को बढ़ावा दिया। 11वीं शताब्दी में मोहम्मद गोरी से लेकर पठानकोट तक हुई घुसपैठ अपनों की मिलीभगत से हुई। जेएनयू कैंपस में बौद्धिक आतंकवाद के बीज बोए गए हैं, जिन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आतंकवाद विषय पर आयोजित एक संगोष्ठी में भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री एवं संघ विचारक संजय जोशी ने उक्त बातें कहीं।

एनएएस डिग्री कालेज में आतंकवाद पर आयोजित एक संगोष्ठी में संघ विचारक संजय जोशी ने कहा कि भले ही दुनिया में 600 से ज्यादा आतंकी संगठन सक्रिय हैं, किंतु भारत इसके खास रूप से निशाने पर है। नार्थ ईस्ट समेत देश के अन्य तमाम भागों में स्थानीय कारणों की आड़ में आतंकवाद फैलाया जा रहा है। नक्सलवाद को भी एक प्रकार का आतंकवाद बताया। जोशी ने कहा कि देश में तीन हजार से ज्यादा जातियां एवं 25 हजार से ज्यादा उपजातियां हैं, जहां नफरत फैलाना अपेक्षाकृत आसान है। आतंकी इसी का फायदा उठाते हैं।

जेएनयू प्रकरण पर कांग्रेस के रुख पर हमला बोलते हुए कहा कि अब यह पार्टी देशद्रोहियों के बचाव में उतर आई है। हैरत जताते हुए कहा कि जब कोर्ट ने बाकायदा कानून के तहत अफजल गुरु एवं याकूब को सजा सुनाई तो अब उनका बचाव क्यों? पठानकोट हमले का उदाहरण देते हुए कहा कि इस देश में 11वीं सदी में अपनों ने मोहम्मद गोरी को घुसपैठ कराया। पठानकोट में भी बिना मिलीभगत हमले नहीं हुए होंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने सवा सौ करोड़ आबादी से एक कदम चलने के लिए कहा है, ऐसे में देश सवा सौ करोड़ कदम आगे जाएगा। कहा कि शास्त्र से मानसिक स्तर बढ़ता है, किंतु अनुशासन के लिए शस्त्र जरूरी है। व‌र्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला करने वालों से लेकर तमाम आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड पढ़े लिखे लड़के हैं, जो खतरनाक संकेत है।

Link: https://m.jagran.com/uttar-pradesh/meerut-city-13649619.html

 

 

One thought on “राष्ट्रवाद के कमजोर होने से बढ़ा आतंकवाद

  1. बिलकुल सही बात है, आज कल के युवाओं अपनी नॉलेज का इस्तेमाल ऐसी आतंकवादी प्रवृति के बदले अपने देश की तरक्की के लिए करे तो अच्छा है…हिन्दुस्तान के विकास के लिए और आतंकवाद को रोकने के लिए सिर्फ गवर्नमेंट अकेली कुछ नहीं कर शक्ति। ..देश के सभी नागरिकों में देशदाज होनी चाहिए। ..अपने देश के लिए कुछ करने का जजबा होना चाहिए। ..लोग अपने घर में बैठे बैठे गवर्नमेंट को और अपने देश को गालिया देते रहते है लेकिन देश के लिए कुछ करते नहीं है। ..जब देश के सभी नागरिक अपने बंधारनिय हकको से पहले अपने फ़र्ज़ को समझने लगेंगे तब देश मजबूत बनेगा. …………जय हिन्द…जय भारत।

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